हेलो दोस्तों उम्मीद है आप सब बेहतर होंगे मानसून में इस पारंपरिक डिश में अरबी के पत्तों से बनी सब्ज़ी का आनंद ले रहे होंगे। इसे अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है — जैसे पटोड़, अलुचीचे वडे (महाराष्ट्र), कुचई पत्ता (ओड़िशा), केसुवाक पत्ता (बिहार), आदि। इसकी खासियत है इसका हल्का तीखा, खट्टा-मीठा स्वाद और कुरकुरी टेक्सचर। ज़्यादातर लोग बेसन से ये सब्जी बनाते है लेकिन मैं दाल से बनातीं हूँ मुझे दाल की अच्छी लगती है आज आप लोगो को भी बनाना सिखाऊंगी वो भी कुछ ही टाइम में तैयार करने के तरीके के साथ, आइये बनाते है अरबी के पत्तों से बनी सब्ज़ी
लोग : 5, 6
तैयारी का समय : 15 मिनट
कुल समय : 60 मिनट







सामग्री (Ingredients)
मुख्य सामग्री:
अरबी के पत्ते – 8-10 मध्यम आकार के (ताज़े और हरे)
उड़द दाल –1/2कप
अदरक- 1 इंच
हरी मिर्च-2,3
लाल मिर्च पाउडर – 1 टीस्पून
नमक – स्वाद अनुसार
तेल – तलने के लिए
ग्रेवी सामग्री :
ऑयल- 100 ग्राम
मेथी दाना – 8,10
लाल मिर्च पाउडर -½
हल्दी पाउडर- ½
धनिया पाउडर -½
लहसुन, अदरक पेस्ट -½
प्याज़ पेस्ट -½
नमक सदानुसार
खटाई -1,2
बनाने की विधि (Step-by-Step Process)
स्टेप 1: पत्तों की सफाई और तैयारी
सबसे पहले अरबी के ताज़े पत्तों को धोकर साफ कर लें।
डंठल हटा दें और मोटी नसों को चाकू से थोड़ा पतला कर लें ताकि पत्ते मुड़ने में आसानी हो।
स्टेप 2: दाल का मसाला बनाना
- एक बर्तन में दाल लें 3,4 घंटे भिगो दे ।
- दाल को भीगने के बाद मिक्सी या सिल बट्टे पे पीस ले साथ ही उसमें अदरक, हरी मिर्च, लाल मिर्च, नमक, डालें।
- जरूरत हो तो थोड़ा पानी डालकर गाढ़ा लेप (पेस्ट) तैयार करें।
स्टेप 3: पत्तों पर लेप लगाना
एक पत्ता लें, उसकी उल्टी सतह (पीछे की ओर) पर बेसन का मसाला फैलाएं।
उस पर दूसरा पत्ता रखें और फिर से मसाला लगाएं।
ऐसे 4-5 पत्ते परत-दर-परत रखें और रोल की तरह मोड़ लें।
स्टेप 4: फ्राई करना
इन्हें कढ़ाई में डीप फ्राई करें या पैन में कम तेल में शैलो फ्राई करें।
ठंडा होने के बाद पीस करे।
एक बार फिर से तेज़ आंच पर सरे पीस फ्राई करे।
अब ये अच्छे से अंदर तक पक चुके है ।
स्नैक के तौर पे भी खा सकते है ।
वैकल्पिक – ग्रेवी वाली सब्जी बनानी हो तो:
तले हुए स्लाइस को प्याज़ की ग्रेवी में डालें और कुछ मिनट पकाएं।
ग्रेवी बनाने के लिए :
तेल में मेथी दाना डालें
प्याज़, लहसुन – अदरक का पेस्ट डालें गरम मसाला, हल्दी पॉवडर, लाल मिर्च पाउडर, खटाई , नमक, धनिया पावर पानी पानी डाल के भूने।
✅ खास टिप्स और ट्रिक्स
पत्ते सही चुनें: मुलायम और हरे पत्ते ही लें, पीले या सड़े पत्ते इस्तेमाल न करें।
भाप पकाना ज़रूरी: स्टीम में अच्छे से पकाने पर सब्ज़ी मुलायम और अंदर से भी स्वादिष्ट बनती है।
कम तेल में भी बनाएं: डीप फ्राई की जगह शैलो फ्राई या एयर फ्रायर का प्रयोग भी कर सकते हैं।
डायबिटिक और हेल्दी विकल्प: तलने की जगह सिर्फ भाप में पकाकर, नींबू निचोड़कर स्नैक की तरह खाया जा सकता है।
सेहत के फायदे
फाइबर से भरपूर:
पेट के लिए अच्छा, कब्ज से राहत।
आयरन और कैल्शियम: हड्डियों और खून के लिए फायदेमंद।
वजन घटाने में मददगार: कम तेल में बना कर खाएं तो हेल्दी स्नैक बन सकता है।
डायबिटीज के मरीज: बिना गुड़ के बनाएं तो भी स्वाद अच्छा आता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
❓1. अरबी के पत्ते कहां मिलते हैं?
यह पत्ते सब्ज़ी मंडियों में या ग्रामीण क्षेत्रों में आसानी से मिलते हैं। मानसून और उसके बाद के महीनों में इनकी भरमार होती है।
❓2. क्या इसे बिना फ्राई किए खा सकते हैं?
हां, स्टीम करने के बाद नींबू और चाट मसाला डालकर खा सकते हैं। यह और भी हेल्दी विकल्प होता है।
❓3. बच्चों को दिया जा सकता है?
हां, लेकिन बहुत छोटे बच्चों को न दें क्योंकि इसमें बेसन भारी हो सकता है। 5 साल से ऊपर के बच्चों को छोटे हिस्से में दें।
❓4. क्या इसे स्टोर कर सकते हैं?
हां, स्टीम करने के बाद इसे फ्रिज में 2 दिन तक रखा जा सकता है। फ्राई करने से पहले ही स्टोर करें।
❓5. क्या इसमें हरा धनिया या मेथी भी डाला जा सकता है?
हां, मसाले वाले बेसन में थोड़ा हरा धनिया या बारीक कटी मेथी मिलाने से स्वाद और बढ़ता है।
निष्कर्ष (Conclusion)
न भाप देने का झंझट न ज़्यादा सामग्री की ज़रुरत लाजवाब अरबी के पत्तों से बनी यह पारंपरिक रेसिपी न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद लाभकारी है। इसे आप त्योहार, व्रत के बाद या खास मौके पर ज़रूर ट्राय करें। जब भी परिवार के लिए कुछ नया और पौष्टिक बनाना हो — पटोड़ एक बेहतरीन विकल्प है। मेहमान खुश हो कर आपसे जाए ।
THAN YOU:
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