हेलो दोस्तों ,
क्या आप को भी गोभी पसंद नहीं करते है तो ,ऐसे बनाए गोश्त के साथ गोभी और घर वाले सब चट कर जाए | गोभी गोश्त भारतीय व्यंजनों में एक विशेष स्थान रखता है | यह पकवान खासकर उत्तर भारत और पाकिस्तान में मिलता है | इसे सर्दियों में लाज़मी बनाए | आइए इस स्वादिष्ट डिश के बारे में विस्तार से जाने ,लाभ हानियाँ और इसे किसे खाना चाहिए और किसे नहीं ,क्योकि पेट से खुशियों का रास्ता गुज़रता है |
गोभी गोश्त बनाने का समय
- सामग्री तैयार करने का समय : 10 -15 मिनट
2 . पकाने का समय : 25 -30 मिनट
3 . कुल समय : लगभग :40 -45 मिनट
लोग :दो
मुख्य सामग्री :

- मटन ( गोश्त ) 300 ग्राम
- गोभी : 1 छोटी गोभी (बारीक कटा हुआ )
- प्याज : 1 मध्यम आकार का (बारीक कटा हुआ )
- टमाटर : 1 मध्यम आकार का ( बारीक कटा हुआ )
- अदरक-लहसुन पेस्ट :1/2 टी स्पून
- हल्दी पाउडर :1/4 टी स्पून
- धनिया पाउडर :1/3 टी स्पून
- लाल मिर्च पाउडर :1/4 टी स्पून
- गरम मसाला : 1/4 टी स्पून
- नमक : स्वादानुसार
- तेल : 25 ग्राम
- हरा धनिया : सजावट के लिए
गोभी गोश्त बनाने की विधि
- तैयारी :
- मटन को धोके अलग रखे |
2 . मटन पकाना :प्रेशर कुकर में तेल गरम करें |
- गोभी को काटकर हल्का उबाल ले ताकि कीटाणु मर जाए |
2 . मटन पकाना :

- प्रेशर कुकर में तेल गरम करें |
- प्याज़ डालकर सुनहरा होने तक भूनें |
- अदरक -लहसुन पेस्ट डालकर कुछ सेकंड भूनें |
- मटन डालें और मसाले (हल्दी ,मिर्च ,धनिया पाउडर ) मिलाए |
- इसे 3 -4 मिनट तक भूनें |
- 1 / 2 कप डाले और कुकर का ढक्कन बंद करे | धीमी फ्लैम में 3 -4 सीटी लें |
- पकाने के बाद फ्लैम ऑफ कर दें
3 . गोभी को मिलाना :

- . गोभी को एक बार और सादे पानी से धोलें गोभी अच्छे से साफ हो जाएगी |
- प्रेशर कुकर से पकाए गए मटन को गोभी के साथ मिलाए |
- टमाटर और गरम मसाला डालें | इसे 10 -15 मिनट तक धीमी आंच पर पकाए ताकि सब कुछ आपस में मिक्स हों जाए |
4 . सजावट और परोसना :

- पकवान तैयार होने पर इसे हरे धनिया से सजाए |
- इसे गरमा -गरम रोटी ,पराठा और चावल के साथ परोसे |
इसके स्वाद के साथ-साथ यह कई स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करता है, लेकिन इसे सावधानीपूर्वक खाना चाहिए। आइए जानें गोभी गोश्त के लाभ, हानियाँ और किसे खाना चाहिए या नहीं।
गोभी गोश्त के लाभ
- पोषण से भरपूर:
- मटन प्रोटीन का एक समृद्ध स्रोत है, जो मांसपेशियों के निर्माण और मरम्मत में सहायक है।
- गोभी में विटामिन C, विटामिन K, और फाइबर प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं।
- ऊर्जा का अच्छा स्रोत:
- मटन में आयरन और विटामिन B12 होते हैं, जो शरीर में ऊर्जा स्तर को बनाए रखने और एनीमिया से बचाने में मदद करते हैं।
- पाचन तंत्र के लिए लाभदायक:
- गोभी में मौजूद फाइबर पाचन को सुचारू बनाने और कब्ज की समस्या को दूर करने में सहायक है।
- हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद:
- यदि इसे कम तेल और कम मसालों के साथ पकाया जाए, तो यह हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। गोभी में एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं।
- हड्डियों और त्वचा के लिए फायदेमंद:
- मटन में जिंक और फास्फोरस जैसे खनिज पाए जाते हैं, जो हड्डियों को मजबूत करते हैं और त्वचा को स्वस्थ बनाते हैं।
- वजन प्रबंधन में सहायक:
- गोभी कैलोरी में कम होती है, जो वजन घटाने वाले लोगों के लिए आदर्श है।
गोभी गोश्त के संभावित नुकसान
- उच्च कोलेस्ट्रॉल का खतरा:
- मटन में सैचुरेटेड फैट होता है, जो अधिक मात्रा में सेवन करने पर कोलेस्ट्रॉल को बढ़ा सकता है। यह हृदय संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है।
- पाचन समस्याएँ:
- गोभी गैस बनाने वाली सब्जी है, जिससे पेट में भारीपन या गैस की समस्या हो सकती है।
- अधिक मसालों का उपयोग:
- यदि इसे अधिक मसालेदार बनाया जाए, तो यह एसिडिटी और पाचन संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है।
- गठिया और यूरिक एसिड:
- मटन में प्यूरीन की अधिक मात्रा होती है, जो यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ा सकता है। यह गठिया या गाउट के मरीजों के लिए हानिकारक हो सकता है।
- एलर्जी का खतरा:
- कुछ लोगों को गोभी या मटन से एलर्जी हो सकती है। ऐसे लोगों को इससे बचना चाहिए।
किन लोगों को गोभी गोश्त खाना चाहिए?
- प्रोटीन की आवश्यकता वाले लोग:
- जो लोग जिम करते हैं या मांसपेशियों को मजबूत बनाना चाहते हैं, उनके लिए यह डिश फायदेमंद है।
- एनीमिया से पीड़ित व्यक्ति:
- मटन में आयरन की उच्च मात्रा होती है, जो एनीमिया को रोकने में सहायक है।
- इम्यूनिटी बढ़ाने वाले लोग:
- गोभी में विटामिन C होता है, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है।
- स्वस्थ वजन बनाए रखने वाले लोग:
- यदि इसे कम तेल और मसालों के साथ पकाया जाए, तो यह वजन प्रबंधन के लिए आदर्श है।
किन लोगों को गोभी गोश्त नहीं खाना चाहिए?
- हृदय रोगी:
- मटन में मौजूद सैचुरेटेड फैट हृदय रोगियों के लिए हानिकारक हो सकता है।
- उच्च रक्तचाप के मरीज:
- अधिक नमक और मसाले रक्तचाप को बढ़ा सकते हैं। ऐसे में सावधानी से खाना चाहिए।
- गैस या एसिडिटी से पीड़ित व्यक्ति:
- गोभी गैस उत्पन्न कर सकती है, जिससे पेट में असुविधा हो सकती है।
- गठिया और यूरिक एसिड के मरीज:
- मटन में प्यूरीन होता है, जो यूरिक एसिड को बढ़ा सकता है।
- शाकाहारी या एलर्जी से पीड़ित व्यक्ति:
- यदि आप शाकाहारी हैं या आपको गोभी या मटन से एलर्जी है, तो इसका सेवन न करें।
गोभी गोश्त बनाने के सुझाव
- कम तेल और मसालों का उपयोग करें:
- यह डिश स्वादिष्ट और स्वस्थ बनाने के लिए कम तेल और हल्के मसालों के साथ बनाएं।
- संतुलित मात्रा में सेवन करें:
- अधिक मात्रा में सेवन करने से बचें, खासकर यदि आप किसी स्वास्थ्य समस्या से पीड़ित हैं।
- सही तरीके से पकाएं:
- मटन को अच्छी तरह से पकाएं और गोभी को हल्का उबालकर डालें।
- पाचन को सुधारने के लिए:
- पकाने के बाद इसमें अदरक या हिंग का उपयोग करें, जिससे गैस की समस्या कम हो सकती है।
निष्कर्ष
गोभी गोश्त एक स्वादिष्ट और पोषण से भरपूर व्यंजन है, जो सही मात्रा और विधि से सेवन करने पर स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकता है। हालांकि, इसे खाते समय अपनी स्वास्थ्य स्थिति और पाचन क्षमता का ध्यान रखना जरूरी है। यह डिश विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जो प्रोटीन और पोषण की जरूरत को पूरा करना चाहते हैं। लेकिन जिन लोगों को हृदय, गठिया या पाचन संबंधी समस्याएँ हैं, उन्हें इसका सेवन सावधानीपूर्वक करना चाहिए।
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