बोनलेस फिश फ्राई रेसिपी (Boneless Fish Fry Recipe)

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हेलो दोस्तों ,

फिश बहुत ही पसंद की जाने वाली रेसिपी है। इस रेसिपी को बहुत कम मसालों के साथ बना सकते है,आप हैरान रह जाओगे, इसके फायदे जान के उतना ही आसान है इसे बनाना और कई तरह से इसे बनाया भी जा सकता है। BONELESS FISH फ्राई एक स्वादिष्ट और कुरकुरी डिश जो आसानी से  बनायीं जा सकती है । खासतौर पर बोनलेस फिश फ्राई बच्चो और बुज़ुर्गो के लिए अच्छी रहती है, क्योकि इसे खाने में आसानी होती है इसमें कांटे नहीं होते है इसलिए  ज़्यादातर लोग बोनलेस  फिश ही पसंद करते है।

बोनलेस फिश सामग्री (Ingredients)

मछली के लिए :

  • बोनलेस मछली-500 ग्राम (सुरमई, रोहू या तिलमिया )
  • अदरक-लहसुन पेस्ट-2 चम्मच
  • नीबू का रस -1 चम्मच
  • लाल  मिर्च पाउडर- ½चम्मच
  • धनिया पाउडर -½ चम्मच
  • हल्दी पाउडर – 1 बड़ा चम्मच
  • ज़ीरा पाउडर-½ चम्मच
  • चाट मसाला-¼ चम्मच
  • गरम मसाला- ½ चम्मच
  • नमक स्वादानुसार
  • कॉर्नफ्लोर-1 चम्मच
  • बेसन-½ चम्मच
  • तेल-फ्राई के लिए

बनाने की विधि (step-by-step recipe)

1  मछली को तैयार करे 

सबसे पहले बोनलेस मछली के टुकड़ो को अच्छे से धोलें। सारा निकल  के फेक दे मछली में ज़रा से भी पानी नहीं होना चाहिए । मछली में नीबू के रस को और नमक लगाकर  10 मिनट के लिए अलग रख दे ।

2 मसाला मिक्स करे

एक बर्तन में अदरक-लहसुन पेस्ट, लाल मिर्च पाउडर , हल्दी पाउडर ,धनिया पाउडर,ज़ीरा पाउडर,चाट मसाला, गरम मसाला कॉर्नफ्ल,बेसन अच्छे से मिक्स करे कुछ बूँद तेल की डालें एक गाढ़ा पेस्ट बना ले।

3 मछ्ली को मेरिनेट करे

अब बोनलेस मछली को इस तैयार मसाले में डालें और अच्छी तरह मिलाए इसे कम से कम 30 मिनट (अगर समय है तो 2 घंटे) के लिए मैरिनेट करके फ्रिज में रख दे ताकि मसाले अच्छी तरह से अंदर तक चले जाए।

4 मछली को तले

कढ़ाई में तेल गर्म करे। तेल इतना गर्म हो की तेल से धुआँ उठने लगे गैस की आंच धीमी करे। मछली के पीस को धीरे-धीरे कढ़ाई में डालें और मीडियम आंच पर 5-7 मिनट तक सुनहरा और कुरकुरे होने तक तले ।

5 परोसने की तैयारी

मछली को बटर पेपर में निकले ताकि मछली का अतिरिक्त तेल बटर पेपर में आ जाए । गरमा-गरम मछली को चटनी के साथ परोसे चाहे  तो ऊपर से नीबू की कुछ बूंदे डाल सकते है।

बोनलेस फिश फ्राई के फायदे (Health benefits of boneless Fish fry)

  1. उच्च प्रोटीन स्त्रोत – मछली में प्रोटीन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो मांसपेशियों के निर्माण में मद्दत करता है।
  2. ओमेगा -3 फैटी एसिड से भरपूर – यह दिल की सेहत को सुधारता है और ब्रेन फक्शन को बढ़ाता है।
  3. कम कैलोरी और हाई न्यूट्रिशन – बोनलेस मछली फ्राई कम तेल में बनाई जाए तो यह हेल्दी स्नैक हो सकता है।
  4. पचाने में आसान – इसमें कम फैट होता है जिसकी वजह से यह जल्दी डाइजेशन के लिए अच्छी रहती है।
  5. हड्डियों को मज़बूत बनाता है – मछली में मौजूद कैल्सिशयम और फॉस्फोरस हड्डियों की मज़बूती में मदद करता है।
  6. इम्युनिटी बूस्टर – इसमें मौजूद  एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते है।

बोनलेस फिश बनाते समय ध्यान देने योग्य सावधानियाँ

फ्राई फिश बनाना बहुत आसान है सेहत और स्वाद लाने के लिए कुछ सावधानी बरतनी जानी चाहिए।

1.फिश कट और मेरिनेशन

  • हमेशा बोनलेस फिश ताज़ी ले अच्छी किस्म की ले और फिश के टुकड़े एक समान आकार के होना चाहिए ताकि सभी टुकड़े एक समान पके। 
  • फिश को धोने के बाद छानने में रखे ताकि फिश का पानी पूरी तरह से निकल जाए।
  • अब मैरीनेट करेंगे तो फिश कुरकुरी बनेगी।

 2.फिश फ्राई करने का सही तरीका

  • तेल को अच्छे से गरम करे क्युकी फिश तेल में डालते ही तापमान तेल का गिर जाता है तेल है और मछली अच्छे से पकती नहीं न ही कुरकुरा पन आता है।
  • कुछ मिनट पकाए अंदर तक पाक जाए।

3.मसालों का सही चयन

  • अक्सर हम सारी मछली बनाते हर चीज़ का ख्याल रखते है फिर भी फिश सही नहीं बनती स्वाद नहीं आता है।
  • खास ख्याल रखना है मसालों का मसाले ताज़े और अच्छी ब्रांड के नहीं होंगे तो फिश में स्वाद नहीं आता है।
  • फिश अच्छी किस्म के साथ घर के ताज़े मसाले ही डालें।

4.फिश सर्व करने का सही तरीका

  • सॉसेज़ के साथ बोनलेस फिश सर्व कर सकते है इसके अलावा इवनिंग स्नैक एक हेल्थ फ़ूड बन सकता है।
  • हरी धनिया और पुदीना घर की चटनी के साथ सर्व करेंगे मज़ा दोगुना हो जाएगा।

(सवाल जवाब ) बोनलेस  फिश के बारे में

 भारत में बोनलेस फिश के क्या- क्या नाम है ?

भारत में पाई जाने वाली कुछ प्रमुख बोनलेस मछलियों(कम काँटों वाली मछलियाँ) के नाम इस प्रकार है 

  1. पंगास (Pangas)
  2. सिंगाड़ा (Singara /Catfish )
  3. रोहू (Rohu ) इसमें बहुत कम कांटे होते है
  4. कटला ( Katla )
  5. सुरमई (Surmai )
  6. बासा ( Basa )
  7. माहि ( Mahi )
  8. तिलापीअ (Tilapia)
  9. बासा ( Baasa )
  10. सोल ( Sol )

मछली खाने से क्या फायदे है ?

√  fish में प्रोटीन और विटामिन का एक अच्छा स्त्रोत प्रदान करते है, और ओमेगा -3 फैटी एसिड: ह्रदय रोग के जोखिम को कम कर सकते  है । मस्तिष्क के काफी अच्छी होती है स्मरण शक्ति बढ़ाती है । बालो का झड़ना कम करके उनकी ग्रोथ बढ़ाने में मद्दत करे। 

विटामिन डी: मछलियों में सबसे अधिक विटामिन डी पाया जाता है ।

लो वसा : मछलियों में लो वसा होती है वजन कम करने मद्दत करती है ।

कौन सी मछली सबसे ज़्यादा फायदेमंद है ?

√ सैमन जबकि सार्डिन मछली खाने के लिए सबसे स्वस्ध मछली की सूची में सबसे ऊपर है। सैमन में भी कई लाभ है।

सबसे बढ़िया मछली कौन सी होती है खाने में ?

√ रोहू नाम की मछली खाने में काफी स्वादिष्ट होती है ।

भारतीय कौन-सी मछली सबसे अधिक चाव से कहते है और क्यों ?

रावस या गुर्ज्जली के नाम से मशहूर यह पूरे भारत में पाई जाने वाली एक लोकप्रिय मछली है । यह अपने विशिष्ट गुलाबी रंग और हल्के स्वाद के लिए जानी जाती है ओमेगा 3 भरपूर मात्रा में होता है ।

खाने योग्य मछली कौन सी मछली अच्छी रहती है ?

  • रोहू मछली (crap) – यह ताज़े पानी की मछली है ।
  • सुरमई मछली (blue fish) यह मीठे पानी की मछली है – सुरमई मछली भी प्रोटीन से भरी होती है ।
  • झींगा (Parwns ) यह चावल से खाई जाती है ।
  • हिलसा मछली (Hilsa fish ) यह मीठे पानी की मछली है । भारत के बंगाल में यह मछली बहुत लोकप्रिय है ।

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